नगरनौसा (नालंदा): नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड के मोहिउद्दीनपुर गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला मुनिया देवी पिछले दो महीनों से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। पति के निधन के बाद वह अकेले जीवन यापन कर रही हैं और उनकी आजीविका का मुख्य सहारा वृद्धा पेंशन ही है।
मुनिया देवी का कहना है कि पेंशन की राशि बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि घर में खाने-पीने के लिए पर्याप्त राशन तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे भी उनकी देखभाल नहीं करते हैं। उनका कहना है कि परिवार के सदस्य उन्हें ताने देते हैं और कहते हैं, “हम तुम्हें कहां से खाना खिलाएं-पिलाएं?” इतना ही नहीं, उन्होंने परिवार के कुछ लोगों पर मारपीट और प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है।
आर्थिक तंगी और पारिवारिक उपेक्षा के बीच मुनिया देवी का जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा है। उन्होंने प्रशासन और समाज कल्याण विभाग से मांग की है कि उनकी रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन को जल्द से जल्द चालू कराया जाए तथा उन्हें आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों का भी कहना है कि बुजुर्ग महिला की स्थिति चिंताजनक है और संबंधित विभाग को मामले की जांच कर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
संजय कुमार की रिपोर्ट
