पटना : बिहार के नगर निकायों द्वारा भारी वाहनों से मार्ग कर, प्रवेश सेवा शुल्क या चुंगी की वसूली को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि संबंधित नियमावली/विनियमावली के प्रभावी होने तक नगर निकाय किसी भी नाम या माध्यम से भारी वाहनों से मार्ग कर की वसूली नहीं कर सकते।
मंत्री ने कहा कि बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत मार्ग कर, प्रवेश सेवा शुल्क अथवा चुंगी की वसूली निर्धारित नियमावली एवं विनियमावली के अनुरूप ही की जा सकती है। फिलहाल मार्ग कर की वसूली के लिए विभाग द्वारा कोई नियमावली या विनियमावली तैयार नहीं की गई है। ऐसे में नियमावली के अस्तित्व में आने तक इस तरह की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विभागीय निर्देश के बावजूद वसूली की शिकायत
विभाग की ओर से नगर निकायों को पहले भी कई बार निर्देश दिया जा चुका है कि नियमावली बनने तक भारी वाहनों से किसी भी प्रकार का मार्ग कर, प्रवेश सेवा शुल्क या चुंगी नहीं वसूली जाए। इसके बावजूद कुछ नगर निकायों द्वारा भारी वाहनों से प्रवेश सेवा शुल्क, चुंगी या अन्य किसी नाम से राशि वसूल किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी नगर आयुक्तों तथा नगर परिषद और नगर पंचायतों के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियमावली/विनियमावली के निर्माण और प्रभावी होने तक मार्ग कर की किसी भी तरह की वसूली तत्काल बंद रखी जाए।
अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी नगर निकाय में विभागीय निर्देशों की अवहेलना कर किसी भी नाम या स्वरूप में मार्ग कर की वसूली की जाती है, तो संबंधित नगर आयुक्त अथवा नगर कार्यपालक पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
शिकायतों की होगी निगरानी
विभाग ने सभी नगर निकायों को विभागीय आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही नियमावली/विनियमावली के प्रभावी होने तक वाहनों से किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली नहीं करने को कहा गया है। विभाग की ओर से इस संबंध में प्राप्त शिकायतों और मामलों की निगरानी की जाएगी। निर्देशों के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
