पटना : बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग खाद की उपलब्धता और वितरण पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। विभाग किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक भी कर रहा है।

राज्य में उपलब्ध उर्वरकों का वर्तमान स्टॉक इस प्रकार है:

मंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए विभाग “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल और जिला कृषि अधिकारियों की टीमें लगातार निरीक्षण और जांच कर रही हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 जून 2026 तक की गई कार्रवाई के तहत अनियमितता पाए जाने पर 43 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 213 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरक प्रतिष्ठानों के पॉस (PoS) मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भंडारण का कड़ाई से सत्यापन किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में खाद की तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग विशेष अभियान चला रहा है। इस अभियान में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय बनाकर लगातार छापेमारी और निगरानी की जा रही है।सीमावर्ती जिलों में 10 जून 2026 तक 19 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज की गई है, जबकि 123 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ब्लॉक स्तर पर उर्वरकों का आवंटन वास्तविक आवश्यकता और क्षेत्रीय मांग को ध्यान में रखकर किया जाए। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे कालाबाजारी या जमाखोरी से जुड़ी किसी भी शिकायत की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।