पटना: बिहार सरकार ने राज्य के स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लागू करने के अपने फैसले में बड़ा बदलाव किया है। निजी चार पहिया वाहनों पर टोल लगाने के प्रस्ताव का व्यापक विरोध होने के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब स्टेट हाईवे पर केवल पीले नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहनों से ही टोल टैक्स वसूला जाएगा। सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहन पूरी तरह टोल से मुक्त रहेंगे।

विरोध के बाद सरकार का बड़ा फैसला
हाल ही में राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में स्टेट हाईवे पर नेशनल हाईवे की तर्ज पर टोल टैक्स लागू करने का निर्णय लिया था। उस समय दोपहिया, तिपहिया, कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले वाहन और गैर-यांत्रिक वाहनों को पहले ही छूट दी गई थी। हालांकि, निजी चार पहिया वाहनों को भी टोल के दायरे में शामिल किए जाने के विरोध के बाद सरकार ने अपना फैसला बदल दिया।
नई अधिसूचना के बाद जारी हुआ स्पष्टीकरण
सरकार ने सोमवार को नई टोल नीति की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया कि स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स केवल व्यावसायिक वाहनों से लिया जाएगा। निजी उपयोग के लिए चलने वाली सफेद नंबर प्लेट वाली कार, जीप और अन्य चार पहिया वाहनों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा।
व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल दरें
नई टोल नीति के तहत व्यावसायिक वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर निम्नलिखित दरें तय की गई हैं—
* हल्के व्यावसायिक कार, जीप और वैन: ₹1.25 प्रति किमी
* हल्के वाणिज्यिक वाहन और मिनी बस: ₹2.00 प्रति किमी
* बस और 2-एक्सल ट्रक: ₹4.25 प्रति किमी
* 3-एक्सल वाणिज्यिक वाहन: ₹4.60 प्रति किमी
* 4 से 6 एक्सल वाले भारी वाहन: ₹6.65 प्रति किमी
* 7 या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहन: ₹8.10 प्रति किमी
इन वाहनों को मिलेगी पूरी छूट
सरकार के अनुसार निम्नलिखित वाहन स्टेट हाईवे टोल टैक्स से मुक्त रहेंगे—
* सफेद नंबर प्लेट वाले निजी चार पहिया वाहन
* दोपहिया वाहन
* तिपहिया वाहन
* ट्रैक्टर
* कंबाइन हार्वेस्टर
* कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले अन्य वाहन
* गैर-यांत्रिक वाहन
नियम तोड़ने पर लगेगा तीन गुना जुर्माना
नई टोल नीति में नियमों के उल्लंघन पर सख्त प्रावधान भी किए गए हैं। यदि टोल से छूट प्राप्त वाहन, जहां सर्विस रोड उपलब्ध है, उसके बजाय मुख्य टोल रोड का उपयोग करते हैं तो उन्हें कार पर लागू टोल का आधा शुल्क देना होगा। वहीं, टोल नियमों का उल्लंघन करने पर निर्धारित टोल राशि का तीन गुना तक जुर्माना वसूला जा सकता है। हालांकि, सरकार के नए स्पष्टीकरण के बाद अब यह देखना बाकी है कि छूट प्राप्त वाहनों से जुड़े जुर्माने के प्रावधानों में भी कोई संशोधन किया जाता है या नहीं।
