पटना : बिहार के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर (वैशाली) में ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के अंतर्गत ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का शुभारंभ किया।

इस पहल के तहत अब प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को बिहार के शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त विद्यार्थियों की शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निराकरण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी की जाए।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, वैशाली के छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी शैक्षणिक व्यवस्था, कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं, छात्रावास, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान हो।

कॉलेज में इंटरनेट और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जब तक सभी विद्यार्थियों के लिए स्थायी हॉस्टल की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। राज्य सरकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इंजीनियरिंग कॉलेजों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र

विद्यार्थियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान का चयन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के आम लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों में जन औषधि केंद्र खोलने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

पोर्टल और 1100 हेल्पलाइन से दर्ज होगी शिकायत

‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ के तहत छात्र-छात्राओं को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी विद्यार्थी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

विद्यार्थी ऑनलाइन अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा, छात्रावास, पेयजल, शौचालय, कैंटीन समेत विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य समस्याओं और सुविधाओं पर सुनवाई की जाएगी।

छात्रों के इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनसे नीतियां बनाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स में नए और उपयोगी इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ने की दिशा में पहल की जाएगी। विद्यार्थियों को नए विचारों और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने क्लास रूम, म्यूजिक रूम, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल और विभिन्न प्रयोगशालाओं का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन भी किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री सह वैशाली जिला के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल, विधायक संजय कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

You missed