महिषी (सहरसा): बिहार की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। शिक्षा, खेल और प्रशासन के बाद अब फैशन और ग्लैमर की दुनिया में भी वे अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में सहरसा जिले के महिषी गांव की बेटी सोना झा ने मिस छत्तीसगढ़ 2026 का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है।
गांव में जश्न का माहौल
सोना झा के मिस छत्तीसगढ़ बनने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव महिषी पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी जाहिर की। लोगों का कहना है कि महिषी की धरती ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
कठिन परिस्थितियों के बीच हासिल की सफलता
सोना झा का सफर आसान नहीं रहा। कम उम्र में ही उनके पिता स्वर्गीय संजीत उर्फ मुन्ना झा का निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक और मानसिक चुनौतियां आ गईं, लेकिन उनकी मां संजू झा ने हार नहीं मानी। उन्होंने पूरे परिवार को संभालते हुए सोना के सपनों को उड़ान देने में हर संभव सहयोग किया।
मां और परिवार को दिया सफलता का श्रेय
अपनी जीत के बाद भावुक हुईं सोना झा ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी मां और परिवार के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिना पिता के जीवन में आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन मां ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। तीन बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर रहने वाली सोना ने अपनी इस सफलता को अपनी मां के संघर्षों को समर्पित किया।
पढ़ाई के साथ मॉडलिंग में बनाई पहचान
जानकारी के अनुसार, सोना झा का परिवार पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के करोड़ीमल नगर में रह रहा है। उन्होंने इसी वर्ष स्नातक (बीए) की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के साथ-साथ मॉडलिंग के प्रति अपने जुनून को जारी रखते हुए उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और आखिरकार मिस छत्तीसगढ़ का ताज अपने नाम कर लिया।
प्रेरणा बनीं बिहार की बेटियों के लिए
सोना झा की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। दृढ़ संकल्प, मेहनत और परिवार के सहयोग से गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
