बर्धमान-दुर्गापुर: तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र कीर्ति झा आजाद के खिलाफ पश्चिम बंगाल के रानीगंज थाने में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर आपराधिक षडयंत्र, गंभीर आपराधिक धमकी, कथित तौर पर रंगदारी मांगने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच अब सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली है।
शिकायत रानीगंज हिल बस्ती निवासी राहुल घोष ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कीर्ति झा आजाद ने उन्हें एचपी गैस की उप-डीलरशिप का कारोबार बंद करने का दबाव बनाया और इसके एवज में कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की। इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों से अवैध रूप से पैसे एकत्र करने का निर्देश देने का भी आरोप लगाया गया है।
सांसद समेत पांच लोग नामजद
मामले में सांसद कीर्ति झा आजाद के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) मनोहर सिंह, ठेकेदार एवं कथित संपर्क व्यक्ति विश्वजीत चटर्जी, सांसद के प्रतिनिधि स्वराज घोष और निजी सहायक पुरुषोत्तम को आरोपी बनाया गया है।
रानीगंज थाना केस संख्या 352/2026 में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में लगाई गई धाराओं में धारा 308(6) भी शामिल है, जिसे गैर-जमानती बताया गया है।
मुलाकात और 15 लाख रुपये मांगने का आरोप
राहुल घोष ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि 21 मई 2025 को सांसद के PSO मनोहर सिंह का फोन आने के बाद उन्होंने दुर्गापुर स्थित सांसद के बंगले पर जाकर मुलाकात की थी। आरोप है कि इसी दौरान कीर्ति झा आजाद ने एचपी गैस के उप-डीलरशिप कारोबार को बंद करने का दबाव बनाया और 15 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सांसद की ओर से स्थानीय व्यापारियों से अवैध रूप से रकम जुटाने के निर्देश दिए गए थे।
सहयोगियों पर धमकी देने का आरोप
राहुल घोष ने शिकायत में आरोप लगाया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर सांसद के चार सहयोगियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने 30 मई 2025 की बातचीत का एक ऑडियो रिकॉर्ड भी सबूत के तौर पर होने का दावा किया है।
सांसद का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में कीर्ति झा आजाद का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात कही गई है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
CID ने संभाली जांच
रानीगंज थाने में शुक्रवार रात प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार को मामले की जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली। अब सीआईडी की टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। रानीगंज थाने में किसी सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
