पटना : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एशियाई विकास बैंक (ADB) के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में वित्त विभाग, शिक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, नागरिक विमानन विभाग, पथ निर्माण विभाग, उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एशियाई विकास बैंक की टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार वर्तमान में अपनी आर्थिक और ढांचागत व्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने रेखांकित किया कि ADB के साथ साझेदारी राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्य सचिव ने ADB टीम को आश्वस्त किया कि प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र ही चर्चा की जाएगी और राज्य सरकार कार्य योजना के साथ जल्द ही वापस आएगी।
बैठक के दौरान भारत के लिए ADB की कंट्री डायरेक्टर, सुश्री मियो ओका (Mio Oka) ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें बिहार सरकार के साथ साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया गया।

प्रस्तुतीकरण में निम्नलिखित प्रमुख परियोजनाओं के प्रस्ताव रखे गए:
1. व्यापक बौद्ध सर्किट विकास (Comprehensive Buddhist Circuit Development)
2. जल संसाधन और कृषि रूपांतरण परियोजना (Water Resources and Agriculture Transformation Project)
3. व्यापक कौशल विकास परियोजना (Comprehensive Skill Development Project)
4. चयनित शहरों के लिए शहरी बुनियादी ढांचा और लचीलापन परियोजना (Urban Infrastructure and Resilience Project for select cities)
5. ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector)
(क) नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार और ग्रिड एकीकरण को सुदृढ़ करना तथा
(ख) भविष्य के लिए तैयार वितरण ग्रिड
6. बिहार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना (Bihar Health and Medical Education Transformation Project)

बैठक में पारंपरिक परियोजनाओं के अलावा बिहार के भविष्य हेतु कई नवीन विचारों पर भी चर्चा हुई:
- महिलाओं पर केंद्रित बिहार में MSME विकास ।
- विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता और रसद
- सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन कार्यक्रम को मजबूत करना, जिसमें PPP विकास के लिए व्यापक समर्थन शामिल है।
- बिहार में स्कूली शिक्षा की नींव मजबूत करने हेतु ‘स्कूल रेडीनेस गैप’ (School Readiness Gap) को कम करना।

इस साझेदारी के तहत गया और मुजफ्फरपुर में एकीकृत क्लस्टरों के माध्यम से बिहार के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ पूंजीगत परिव्यय दक्षता और राजस्व संग्रहण में सुधार के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में सुधारों पर भी विचार किया जाएगा ।
सत्र के दौरान प्रतिनिधियों ने कहा, “बिहार के साथ ADB का रणनीतिक जुड़ाव उच्च-प्रभाव वाले, बहु-क्षेत्रीय समाधानों की ओर बढ़ रहा है । वैश्विक विशेषज्ञता को रियायती पूंजी के साथ जोड़कर, हमारा लक्ष्य बिहार के एक उच्च-उत्पादकता और नवाचार-प्रेरित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन की गति को तेज करना है” ।
यह बैठक बिहार को विकास के नए सोपान की ओर ले जाने और राज्य में सतत आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
