दरभंगा : दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव इस समय एक ऐसी कानूनी उलझन में फंस गया है. इस गांव के सभी ब्राह्मण समाज के लोगों पर केस दर्ज कर दिया गया है. इस पूरे फसाद की शुरुआत किसी सांप्रदायिक घृणा से नहीं बल्कि एक पुराने लेन-देन और भूमि विवाद से हुई है. दरअसल, हरिनगर गांव के निवासी अशर्फी पासवान ने करीब 70 ब्राह्मणों को नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया है. इसका मतलब हुआ कि अशर्फी पासवान ने एक ही बार में पूरे गांव को आरोपी बना दिया और कटघरे में खड़ा कर दिया.

एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज

जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी, 2026 की रात एक घटना घटी थी. बताया जा रहा है कि पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हो गया. इसे बाद मारपीट हो गई. इस मारपीट की घटना में महिलाएं और एक बच्ची के घायल हो गई, ऐसा बताया गया. इसके बाद क्या था गांव के ही अशर्फी पासवान ने पूरे गांव के ब्राह्मणों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया.

अशर्फी पासवान ने दर्ज कराया केस

अशर्फी पासवान ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि श्रीनाथ झा, हेमंत झा, ओमप्रकाश झा, पंकज झा, सुमित झा समेत कई अन्य लोग एकजुट होकर उनके घर पर आए और हमला कर कर दिया. अशर्फी पासवान ने आरोप लगाया कि पूरे गांव ने मिलकर सामूहिक रूप से शोषण किया है. बताया जा रहा है कि एफआईआर में नामजद किए गए ज्यादातर ब्राह्मण आरोपी बिहार से बाहर देश के अन्य राज्यों और शहरों में मजदूरी, मेहनत और नौकरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं.

इस विवाद में मारपीट

सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी, 2026 की रात पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था. इस विवाद में मारपीट हुई थी. इस घटना में 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

क्या है पूरा मामला, जानिए

मामले की जड़ें साल 2015 से जुड़ी बताई जा रही हैं. जानकारी के अनुसार, विक्रम पासवान के बड़े भाई कैलाश पासवान ने गांव के ही निवासी हेमंत झा के मकान का निर्माण कार्य किया था. पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस निर्माण कार्य के बदले लगभग 2.5 लाख रुपए का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है. कैलाश पासवान और उनके परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अपने हक के पैसे मांगे, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया.