पटना: अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके पास 2019 से पहले रजिस्टर हुई गाड़ी है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राज्य सरकार ने ऐसे सभी वाहन मालिकों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने के लिए 30 दिनों की अंतिम मोहलत दी है।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि राज्य में करीब 52 लाख वाहनों में अभी तक HSRP नहीं लगी है। अब इन सभी गाड़ियों में पुरानी नंबर प्लेट हटाकर नई हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
नियम नहीं मानने पर होगा भारी जुर्माना
सरकार ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद नियम का पालन नहीं करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। ऐसे में वाहन मालिकों को ₹5000 से ₹10,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
कहां और कैसे लगवाएं HSRP?
वाहन मालिक अपनी गाड़ी में HSRP लगवाने के लिए अधिकृत डीलर या एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं या अपने जिले के DTO (जिला परिवहन कार्यालय) में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।अगर आपके वाहन में पहले से HSRP लगी है, लेकिन फिर भी मैसेज आ रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है DTO कार्यालय में जाकर डेटा अपडेट करवा लें।
HSRP क्यों है जरूरी?
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक मजबूत एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें लेजर से उकेरा गया यूनिक कोड होता है। अशोक चक्र का होलोग्राम लगा होता है। छेड़छाड़ या नकली प्लेट बनाना लगभग नामुमकिन होता है। इससे वाहन चोरी और अपराधों में फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल पर रोक लगती है।
केंद्र सरकार का भी है निर्देश
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पहले ही सभी वाहनों में HSRP अनिवार्य कर दिया है। नए वाहनों में यह प्लेट पहले से लगी होती है, जबकि पुराने वाहनों में अब इसे अनिवार्य रूप से अपडेट किया जा रहा है।
