पटना : राज्य में उत्पादित मछलियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार की मछलियों की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है और कई प्रजातियां विदेशों में 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। इसका सीधा लाभ मछली पालक किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस महीने के अंत तक पटना सहित कई नगर निगम क्षेत्रों में ‘सुधा बिक्री केंद्र’ की तर्ज पर फ्रेश कैच फिश आउटलेट शुरू किए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं को जिंदा और ताजी मछलियां उपलब्ध होंगी।

दूध और मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हुआ बिहार
डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि दूध और मछली के क्षेत्र में बिहार आत्मनिर्भर हो चुका है। हम सुधा के उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात कर रहे हैं, इसे अब व्यापक स्तर पर करने के लिए हम काम कर रहे हैं। गांव में डेयरी कॉपरेटिव सोसाइटी की स्थापना और सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोलने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पशुओं के लिए राज्य में प्रोटीनयुक्त पशुचारा बनाने की व्यवस्था की जा रही है। गाय और अन्य पशुओं को संतुलित आहार मिले इसके लिए भी प्रयास किया जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण भी शत-प्रतिशत हो इसके लिए भी हम काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में हमने अच्छी उपलब्धियां हासिल की है। आज हम नौ लाख टन के करीब उत्पादन कर चुके हैं। 10 साल पहले हम नौवें स्थान पर थे, आज चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। मत्स्य के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बिहार में फिशरीज कॉरपोरेशन और गोट फेडरेशन की स्थापना करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। अच्छी गुणवत्ता का मांस लोगों को मिले इसके लिए भी फेडरेशन के माध्यम से कियोस्क सिस्टम लागू करने जा रहे हैं।
सुधा बिक्री केंद्रों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि हर गांव में सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। महिला रोजगार योजना से अच्छादित जीविका दीदियों से आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। उनका चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। सुधा बिक्री केंद्र के लिए 80 वर्गफीट की दुकान मानक है। अन्य लोग भी कॉम्फेड के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इस मौके पर कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ सहित कई अन्य मौजूद थे।
