पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प सभागार’ में मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की 24वीं बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की बैठक में मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी एवं चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

बैठक में राज्य के बाहर विभिन्न दुर्घटनाओं में बिहार के 89 मृतकों के आश्रितों एवं 41 गंभीर रूप से घायलों को तथा राज्य के अंदर विभिन्न आपदाओं से हुयी 72 व्यक्तियों की मृत्यु के कारण मृतकों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान सहायता राशि के रूप में भुगतान किये गये कुल 4 करोड़ 70 लाख 50 हजार रूपये के व्यय की स्वीकृति दी गयी।

बाढ़ राहत शिविरों में जन्म लेने वाले लड़के एवं लड़कियों के जन्म पर तथा शिविरों में रह रहे लोगों के लिये बर्तन एवं वस्त्र आदि के क्रय हेतु 38 लाख 19 हजार 70 रूपये व्यय किया गया है, जिसकी स्वीकृति बैठक में प्रदान की गयी। 14 से 18 वर्ष के वैसे किशोर जिनको बाल श्रम से मुक्त कराया गया है, उनके पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रूपये प्रति किशोर की दर से 86 लाख रूपये का भुगतान श्रम संसाधन विभाग को किया गया है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आपदा की स्थिति में लोगों की मुख्यमंत्री मदद की जाती है। इसके अलावा विविध कार्यों में लोगों की मदद की जाती है। इससे लोगों की काफी सहायता होती है। मुख्यमंत्री राहत कोष की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, वित्त विभाग की सचिव (व्यय) रचना पाटिल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।