पटना : विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून 2026) के अवसर पर बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण तथा जिम्मेदार सामुदायिक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

इस संबंध में पंचायती राज विभाग, बिहार ने सभी जिलों के जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्राम सभाओं में कचरा पृथक्करण, सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जैविक खाद निर्माण तथा स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थलों और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया जाएगा।

जिला एवं प्रखंड स्तर पर होंगे नोडल पदाधिकारी

विशेष ग्राम सभा और उससे जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी संचालन, अनुश्रवण तथा समन्वय के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी कार्यक्रमों के सफल आयोजन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और निर्धारित गतिविधियों के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।

स्वच्छता अभियान से लेकर वृक्षारोपण तक होंगे कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, प्रभात फेरी, सामुदायिक बैठकें, स्थानीय घोषणाएं तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के प्रदर्शन जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जाएगा।

इन गतिविधियों में जिला प्रशासन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े कर्मी, स्वयं सहायता समूह, स्वच्छाग्रही, सफाईकर्मी, महिलाएं, युवा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के सदस्य तथा स्थानीय संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

विशेष ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के तहत कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों को गीला (जैविक), सूखा (पुनर्चक्रण योग्य), सैनिटरी तथा विशेष देखभाल वाले कचरे (ई-वेस्ट, दवाइयां आदि) के पृथक्करण के बारे में जागरूक किया जाएगा।

इसके अलावा खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर प्रतिबंध, गीले कचरे के स्थानीय प्रसंस्करण, उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों तथा पंचायत स्तर पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के आकलन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। वार्ड सदस्य और मुखिया को कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता प्रबंधन के लिए लीड फैसिलिटेटर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

1 से 5 जून तक चलेगा “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्रामीण विकास विभाग, बिहार द्वारा 01 जून से 05 जून 2026 तक “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़े व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही ‘कचरा से धन’ की अवधारणा, सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव तथा जनभागीदारी पर विशेष बल दिया जाएगा।

अभियान की प्रमुख गतिविधियां

01 जून: पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रमुख हितधारकों का उन्मुखीकरण

02 जून: सामुदायिक परिसंपत्तियों (डब्ल्यूपीयू, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई आदि) का निरीक्षण एवं कार्यक्षमता आकलन

03 जून: बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान

04 जून: जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान

05 जून: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन

राज्य सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए स्वच्छ, हरित एवं सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।