वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ने रविवार को कहा कि सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाय सुधारों का रास्ता चुना है। उन्होंने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि देश ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। वित्त मंत्री ने 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे के लिए 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी पेश की। यह आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ वित्त राज्यमंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे। निर्मला ‘ताई’ की बजट स्पीच, बजट से जुड़े हर बड़े अपडेट, फैसले और प्रतिक्रियाओं के लिए हमारे साथ बने रहें…

बजट में द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों एवं बौद्ध सर्किट पर जोर देने से असम को लाभ मिलेगा
सरकार के बजट में द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों के अवसंरचना विकास पर दिए गए जोर और बौद्ध सर्किटों की घोषणा से असम को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पर ध्यान केंद्रित करना राज्य के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लघु एवं मध्यम उद्यम मौजूद हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की कि द्वितीय और तृतीय श्रेणी शहरों और यहां तक​ कि मंदिर-नगरों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्हें आधुनिक अवसंरचना और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। पूर्वोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एक एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास, पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बौद्ध स्थलों के लिए 4,000 ई-बस के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।

राहुल गांधी ने किया बजट पर प्रतिक्रिया देने से इनकार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026–27 पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि वह सोमवार को संसद में अपने विचार रखेंगे।

इससे पहले दिन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। और ऐसा करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बन गईं। पत्रकारों से संक्षेप में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह संसद के पटल पर ही अपनी टिप्पणी देंगे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने बजट की आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक बताया।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन किए बिना भी पहले 90 मिनट में यह साफ हो गया कि बजट उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता जो इसके आसपास बनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों में दम नहीं है और बजट भाषण पारदर्शी नहीं था क्योंकि इसमें प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए आवंटन को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया।