पटना: डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने मीठापुर स्थित नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन का निरीक्षण किया। मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत इस अत्याधुनिक मत्स्य विकास भवन का निर्माण कराया गया है। इस दौरान मंत्री ने बताया कि भवन में मत्स्यपालन अनुसंधान केंद्र तथा आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है, जहां मत्स्य प्रक्षेत्र के विकास से संबंधित अनुसंधान एवं प्रशिक्षण कार्य संचालित किए जाएंगे। इससे राज्य में मत्स्य उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

एक ही परिसर में हर समाधान

लगभग 2.43 एकड़ क्षेत्र में फैला यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। भवन में राज्य के सभी जिलों से आने वाले मत्स्य किसानों को वैज्ञानिक, उन्नत एवं नवाचार आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त परिसर में प्रशिक्षणार्थियों के लिए सुसज्जित छात्रावास (हॉस्टल) का निर्माण भी कराया गया है, ताकि दूरदराज से आने वाले किसानों को समुचित आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके।

वैज्ञानिक तकनीक का प्रशिक्षण और ठहरने की सुविधा

मत्स्य निदेशालय को शीघ्र ही इस नवनिर्मित विकास भवन में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी तथा मत्स्य कृषकों को सेवाएं और अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने प्रत्येक तल पर जाकर वहां उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी पदाधिकारियों से प्राप्त की तथा उनके प्रभावी उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ मत्स्य किसानों को मिल रहा है। बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है, और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनिर्मित भवन की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त मत्स्य निदेशक दिलीप कुमार सिंह, संयुक्त मत्स्य निदेशक (प्रशिक्षण एवं प्रसार) गौरीशंकर, संयुक्त मत्स्य निदेशक (अनुसंधान) देवेन्द्र नायक सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।