पटना: चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (सीएनएलयू), पटना में सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से ‘4वीं सी.एन.एल.यू. नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता, 2026’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विधि छात्रों के लिए व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर कौशल को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

इस आयोजन का संचालन सीएनएलयू की मूट कोर्ट कमेटी द्वारा कुलपति प्रो. (डॉ.) फैजान मुस्तफा तथा संकाय संयोजक डॉ. विजय कुमार विमल के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) फैजान मुस्तफा ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएँ छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ प्रदान करती हैं और उनकी तर्कशक्ति, शोध क्षमता एवं अभिव्यक्ति कौशल को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को छात्रों के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया।

देशभर की 52 टीमों ने लिया हिस्सा

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों की कुल 52 टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने साइबर लॉ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समकालीन कानूनी विषयों पर अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिन्हें निर्णायक मंडल ने सराहा।

कड़े मुकाबले के बाद फाइनल राउंड में दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम विजेता रही। निर्णायक मंडल में न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर, सुश्री शालिनी सती प्रसाद, श्री अशोक पी. वाडजे, श्री कुणाल कपूर तथा प्रो. (डॉ.) मनवेंद्र कुमार तिवारी शामिल थे।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को समर्थन देना राज्य में विधि और प्रौद्योगिकी के समन्वित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल है, जो युवाओं को साइबर कानून एवं डिजिटल न्याय प्रणाली में दक्ष बनाने में सहायक होगी।