पटना: Nitish Kumar की अध्यक्षता में 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 13वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें 12वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन और उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में नई सरकार के गठन के बाद से बिहार में आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बाढ़, सुखाड़, अगलगी, भूकंप और हीटवेव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित लोगों के लिए मुफ्त भोजन, नकद सहायता, फसल क्षति, गृह क्षति और पशु क्षति अनुदान जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसके अलावा, सरदार पटेल भवन में आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा प्राधिकरण का आधुनिक एवं भूकंपरोधी कार्यालय स्थापित किया गया है, जहां अत्याधुनिक आपदा नियंत्रण केंद्र और हेलीपैड की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा प्रभावित लोगों का है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से करें तथा पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाएं।

बैठक के दौरान ‘बिहार की आपदा प्रबंधन यात्रा’ पुस्तक का विमोचन किया गया और प्राधिकरण के कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई।

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।