नई दिल्ली : नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र सौंपकर दरभंगा स्थित मिथिला शोध संस्थान को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान मिथिला की दुर्लभ पांडुलिपियों और प्राचीन ज्ञान परंपरा का बड़ा केंद्र है।
दुर्लभ पांडुलिपियों में छिपा है दर्शन, ज्योतिष और आयुर्वेद का अनमोल ज्ञान
पत्र में बताया गया कि संस्थान में संरक्षित हजारों पांडुलिपियां अब तक पूरी तरह पढ़ी और संपादित नहीं हो सकी हैं। इनमें दर्शन, खगोल विज्ञान, गणित, आयुर्वेद, भाषा विज्ञान और अनुष्ठान विज्ञान जैसे विषयों का अमूल्य ज्ञान मौजूद है। साथ ही मिथिला के कई निजी घरों में भी दुर्लभ ग्रंथ बिखरे पड़े हैं, जिनके नष्ट होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। मिशन से जुड़ने पर इन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिकोडिंग, डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक संरक्षण संभव हो सकेगा।
मिथिला शोध संस्थान बनेगा भारतीय ज्ञान प्रणाली का क्षेत्रीय केंद्र
संजय झा ने कहा कि बिहार सरकार पहले से ही संस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य पूरा होने के बाद यह संस्थान पांडुलिपि संरक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ से जुड़ने के बाद संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और मिथिला की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सकेगी।
