पटना : Samrat Choudhary और विजय कुमार सिन्हा Sinha के बीच शुक्रवार को पटना में कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने, फार्मर रजिस्ट्री अभियान को प्रभावी बनाने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

खाद-बीज वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी

बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि किसानों को खाद-बीज वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो और अनुदान योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था विकसित करने और किसानों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं एवं नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बागवानी नीति और “मधु क्रांति” को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में बिहार बागवानी नर्सरी अधिनियम को और सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य में बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा “मधु क्रांति” अभियान को आगे बढ़ाकर मधुमक्खी पालन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई पहल करने पर विचार-विमर्श किया गया। सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

नई दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय कर्मशाला को लेकर बनी रणनीति

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 28 और 29 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कर्मशाला में शारदीय (खरीफ) फसलों को लेकर बिहार की रणनीति और कृषि संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के बीच खरीफ फसलों के उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आवश्यकताओं और कृषि विकास की योजनाओं पर भी विस्तार से विचार किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि बिहार में कृषि क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान हितैषी बनाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।