पटना: भवन निर्माण विभाग एवं उसके उपक्रम बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित कला एवं संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, संग्रहालयों के रखरखाव तथा निर्माणाधीन सांस्कृतिक भवनों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अटल कला भवन, 630 क्षमता वाले सभागारों, लखीसराय स्थित लाल पहाड़ी पुरास्थल, नेपाली मंदिर, नारद संग्रहालय के स्थान पर नए संग्रहालय भवन, स्मारक अहिल्या स्थल, बेगूसराय संग्रहालय तथा विभिन्न पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने सचिव को जानकारी दी कि अररिया, भभुआ, बक्सर, नवादा, सीवान और शेखपुरा समेत कई जिलों में अटल कला भवनों का निर्माण तेजी से चल रहा है और इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बांका और लखीसराय में 630 क्षमता वाले सभागारों का निर्माण प्रगति पर है। लखीसराय सभागार का फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में है, जबकि मुजफ्फरपुर में 2000 क्षमता वाले अत्याधुनिक सभागार का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में दरभंगा स्थित स्मारक अहिल्या स्थान, बेगूसराय संग्रहालय के संरक्षण कार्य, लखीसराय के लाल पहाड़ी पुरास्थल पर पर्यटक सुविधाओं के विकास तथा 26 जिलों में स्थित 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण एवं विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान सचिव प्रणव कुमार ने पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए एक स्पेशल विंग गठित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनकी मूल संरचना और स्वरूप में सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। साथ ही अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की तकनीकी बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि संरक्षण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
बैठक में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के रखरखाव पर भी विशेष चर्चा हुई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने संग्रहालयों के नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा और लंबित परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
बैठक में भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी तथा अभियंता उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न जिलों के कार्यपालक अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
