पटना : बिहार सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत किशनगंज और लखीसराय जलापूर्ति परियोजनाओं को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग ₹204.68 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को नियमित, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लोगों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा।
किशनगंज में ₹53.71 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना
किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹53.71 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 3,892 नए गृह जल संयोजन दिए जाएंगे। परियोजना में 14 नए बोरवेल, 10 पुराने बोरवेलों का उन्नयन, 14 आयरन रिमूवल प्लांट, 7 पंप हाउस, 5 नए जलमीनार, 720 मीटर क्लियर वाटर राइजिंग मेन और 178.21 किलोमीटर लंबा जल वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद शहर के हजारों परिवारों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी।
लखीसराय में ₹150.96 करोड़ की आधुनिक परियोजना
लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹150.96 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत 7,168 गृह जल संयोजन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही 36.119 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल, 35 एमएलडी क्षमता का आधुनिक जल शोधन संयंत्र (WTP), 5 नए जलमीनार, 4.71 किलोमीटर रॉ वाटर राइजिंग मेन, 12.773 किलोमीटर क्लियर वाटर राइजिंग मेन और 212.326 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना में अत्याधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली भी स्थापित की जाएगी, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी और संचालन अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित होगा।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत ये परियोजनाएं बिहार के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती देंगी और “स्वच्छ जल, बेहतर कल” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
