पटना : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार में 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने इस लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया।
पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार प्रधानमंत्री आवासों के गृह प्रवेश का आयोजन किया गया। इस दौरान लाभुकों को आवास की चाबी तथा नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार की ओर से बिहार को आवंटित नए लक्ष्य से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना बिहार के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1986 से 2014 तक इंदिरा आवास योजना के तहत बिहार में करीब 30 लाख पक्के मकान बनाए गए थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित करीब 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत बनने वाले आवास में 40 प्रतिशत राशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए केंद्र सरकार से 13,427 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेगा। सभी परिवारों के पास अपना पक्का घर होगा, तभी बिहार समृद्ध और भारत विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन
मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के अंदर सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 को द्वितीय नोटिस और 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है।
जीविका दीदियों के उत्पादों के लिए पर्यटन स्थलों पर हाट की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 30 लाख से अधिक लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष हाट विकसित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने और राज्य का दौरा करते रहने का भी आग्रह किया।
शिवराज सिंह चौहान ने की बिहार के ग्रामीण विकास कार्यों की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने ‘सहयोग कार्यक्रम’ को प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि दूसरे राज्यों को भी इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए जीविका दीदियों की बढ़ती आय को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास सहित वरीय अधिकारी, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक और उनके परिजन भी उपस्थित थे।
