पटना: नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए बिहार में गंडक नदी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार ने गंडक से जुड़े जिलों में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित रूप से करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की संभावना जताई गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
इन जिलों में विशेष सतर्कता
गंडक नदी में संभावित बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों को समय रहते अलर्ट करने को कहा गया है।
नेपाल के कई इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। ये क्षेत्र गंडक कैचमेंट से जुड़े हैं। वहीं दोलखा और सिंधुपालचोक में भी कोसी कैचमेंट के तहत उच्च जोखिम बताया गया है। कोसी, बागमती और गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है।
गंडक बैराज के गेट और नहरों पर नजर
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों और उससे जुड़ी नहरों के संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ तटबंधों एवं अन्य जल संसाधन संरचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF की तैयारी
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की अग्रिम तैनाती की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखने की तैयारी है।
बेतिया में भी NDRF टीम की मूवमेंट/तैनाती करीब दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG की ओर से जरूरत पड़ने पर QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
नाव, शेल्टर और सामुदायिक रसोई की तैयारी
संभावित प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए जिलों को Evacuation Plan तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था, शेल्टर होम और सामुदायिक रसोई की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
सरकार की अपील-घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने या पैनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क और तैयार रहना जरूरी है। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी नजर, रोज होगी मीडिया ब्रीफिंग
अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को नियमित Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
सभी विभाग अलर्ट मोड में
जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर तटबंधों और जल संसाधन से जुड़ी महत्वपूर्ण संरचनाओं की निगरानी कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT और अन्य संसाधनों की तत्काल तैनाती की जाएगी।
