1 सितंबर से शुरू होगा हिन्दी-पखवारा सह पुस्तक चौदस मेला, 15 दिनों तक होंगे विविध साहित्यिक आयोजन।

पटना : आगामी कार्यकाल के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की नई कार्यसमिति के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सम्मेलन की स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से पुनर्निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ को नई कार्यसमिति के गठन के लिए अधिकृत किया है। बुधवार को कदमकुआं स्थित सम्मेलन सभागार में आयोजित स्थायी समिति की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया।

अध्यक्ष पद पर चौथी बार निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद स्थायी समिति की पहली बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल सुलभ ने सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे पहले की तुलना में दोगुने उत्साह के साथ सम्मेलन के कार्यों और दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

डॉ. सुलभ ने सम्मेलन की पिछले एक दशक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अवधि में प्रत्येक वर्ष औसतन 125 कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनके अनुसार, यह संख्या विश्व कीर्तिमान भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनके पहली बार अध्यक्ष बनने से पहले के 40 वर्षों में सम्मेलन का केवल एक अधिवेशन हुआ था, जबकि उनके 14 वर्षों के कार्यकाल में 11 महाधिवेशन आयोजित किए गए।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन की पत्रिका ‘सम्मेलन-साहित्य’ का नियमित प्रकाशन हो रहा है और अब तक 50 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है। सम्मेलन की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर की 100 विदुषियों, 100 विद्वानों और 100 युवा साहित्यकारों को ‘शताब्दी-सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल किया है और इसकी गतिविधियों की चर्चा देश की सीमाओं से बाहर भी पहुंची है।

1 सितंबर से हिन्दी-पखवारा सह पुस्तक चौदस मेला

डॉ. सुलभ ने बताया कि हिन्दी दिवस के अवसर पर पिछले वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 1 सितंबर से हिन्दी-पखवारा सह पुस्तक चौदस मेला आयोजित किया जाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान काव्य-कार्यशाला और कथा-कार्यशाला भी आयोजित होगी। 14 सितंबर को 14 हिन्दी सेवियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर को समापन समारोह होगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी विद्यार्थियों को पदक, प्रमाण-पत्र और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में स्थायी समिति के सदस्य एवं पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रास बिहारी सिंह, डॉ. शंकर प्रसाद, डॉ. कल्याणी कुसुम सिंह, डॉ. कुमार अरुणोदय, प्रो. बलिराज ठाकुर, डॉ. नंद जी दूबे, महेश्वर ओझा ‘महेश’, उदय नारायण सिंह, डॉ. अरुण कुमार निराला, डॉ. कामेश्वर पंकज, डॉ. आलोक कुमार, ब्रजेंद्र कुमार सिन्हा, देवेंद्र सिंह आजाद, डॉ. विपिन दूबे, देशबंधु शर्मा, ईं. आनंद किशोर मिश्र, सुधीर मधुकर और रामेश्वरनाथ मिश्र ‘विहान’ सहित विभिन्न जिला सम्मेलनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए और सम्मेलन अध्यक्ष के प्रति विश्वास जताया।

कुमार अनुपम ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जबकि बैठक का संचालन ईं. अशोक कुमार ने किया। बैठक में विभिन्न जिलों से आए 116 सदस्य उपस्थित रहे।