4 शिक्षक और 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें होंगी खाली, 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल

पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के वर्तमान विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग अगले चार सप्ताह के भीतर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।

इन सीटों के चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। वर्ष 2025 में ही इन निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों ने भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर काफी मेहनत की है।

पांच निर्वाचन क्षेत्रों में होगा चुनाव

विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए चुनाव पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण और कोसी निर्वाचन क्षेत्रों में कराया जाएगा। इनमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों के लिए पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत में मतदान होगा। वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों के लिए पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत में चुनाव कराया जाएगा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्र शिक्षक अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र स्नातक मतदाता मतदान करेंगे। इन सभी सीटों पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 17 नवंबर 2020 से 16 नवंबर 2026 तक है।

किन सीटों पर किसका कार्यकाल हो रहा समाप्त?

विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें वर्तमान सदस्यों की स्थिति इस प्रकार है:

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

पटना शिक्षक: प्रो. नवल किशोर यादव — भाजपा

दरभंगा शिक्षक: डॉ. मदनमोहन झा — कांग्रेस

सारण शिक्षक: आफाक अहमद — निर्दलीय

तिरहुत शिक्षक: संजय कुमार सिंह — भाकपा

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र

पटना स्नातक: नीरज कुमार — जदयू

दरभंगा स्नातक: सर्वेश कुमार — निर्दलीय

कोसी स्नातक: एनके यादव — भाजपा

तिरहुत स्नातक: बंशीधर व्रजवासी — निर्दलीय

इस तरह इन आठ सीटों में तीन निर्दलीय, दो भाजपा, एक कांग्रेस, एक भाकपा और एक जदयू के निर्वाचित सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद इन सीटों पर नए सिरे से चुनाव होगा और मौजूदा सदस्यों को दोबारा परिषद में पहुंचने के लिए चुनावी मैदान में उतरना पड़ सकता है।

2020 में 25 सितंबर को हुई थी चुनाव की घोषणा

पिछली बार वर्ष 2020 में इन सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 25 सितंबर को की गई थी। इसके बाद 28 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और 5 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए गए थे। 6 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई थी, जबकि 8 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। 22 अक्टूबर 2020 को मतदान कराया गया था। इसके बाद 12 नवंबर को मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे।

इस बार भी चुनाव कार्यक्रम को लेकर संभावित दावेदारों और राजनीतिक दलों की नजर निर्वाचन आयोग की घोषणा पर टिकी हुई है। चुनाव की तारीख सामने आते ही शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।