नालंदा: भगवान महावीर की निर्वाण स्थली पावापुरी में शनिवार को दो दिवसीय राजकीय पावापुरी महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ध्वजारोहण कर महोत्सव का उद्घाटन किया। समारोह की शुरुआत वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुई। इस दौरान पूरा परिसर जैन धर्म, अहिंसा, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति के रंग में सराबोर नजर आया।

 

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि लगभग 2552 वर्ष पहले भगवान महावीर ने दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया था। जैन धर्म ने सदियों पहले ही मानवता और समाज के सामने मौजूद समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान का मार्ग दिखाया था। आज भी जैन धर्म की शिक्षाओं और सिद्धांतों में उन समस्याओं का समाधान मौजूद है। पूरी दुनिया को भगवान महावीर के विचारों और अहिंसा के दर्शन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

जल मंदिर में की पूजा-अर्चना, भगवान महावीर को किया नमन

राज्यपाल ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत दिगंबर जैन मंदिर में ध्वजारोहण के साथ की। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध जल मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान महावीर को नमन किया। मंदिर दर्शन के बाद वे महोत्सव स्थल पहुंचे, जहां जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।

दिगंबर जैन मंदिर के मैनेजर अरुण कुमार जैन और अजय कुमार जैन ने राज्यपाल को जल मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संगीता जैन, अंजली जैन, चंदन जैन और कमल जैन सहित जैन समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पहली बार जैन मंदिर पहुंचने को बताया सौभाग्य

मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि बिहार आने के बाद पहली बार उन्हें किसी जैन मंदिर में दर्शन करने और जैन धर्म को करीब से समझने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि यह उनके लिए विशेष अनुभव रहा। राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि वे एक वर्ष बाद फिर पावापुरी आएंगे। तब तक जैन धर्म के दर्शन, सिद्धांतों और विचारधारा का गहराई से अध्ययन एवं शोध करेंगे।

उन्होंने अपने सेना के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके कई जैन मित्र थे, लेकिन उस समय उन्हें जैन धर्म के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। अब इस धर्म के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को समझने की जिज्ञासा बढ़ी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगली बार इतनी तैयारी करके आएंगे कि जैन समाज के लोगों के साथ भी भगवान महावीर और अहिंसा के विचारों पर विस्तार से चर्चा कर सकें।

महावीर और महात्मा गांधी के अहिंसा संदेश को किया याद

अपने संबोधन में राज्यपाल ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की परंपरा की सराहना की। उन्होंने अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि एक दिन पहले वे सीतामढ़ी में थे और आज पावापुरी में हैं। इस क्षेत्र में अनेक धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जहां श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांतों को बाद में महात्मा गांधी ने भी अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से आगे बढ़ाया। भारत की धरती से निकला अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा है। आज के दौर में इन विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।

15 विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण

महोत्सव के उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने परिसर में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए लगभग 15 स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित सामग्री और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों तक पहुंच रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

महोत्सव परिसर में जीविका, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, आंगनबाड़ी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग और बाल संरक्षण इकाई सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। इनके माध्यम से लोगों को महिला सशक्तीकरण, कृषि, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

बच्चों के साथ खिंचवाई तस्वीरें, सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

महोत्सव के दौरान राज्यपाल का आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। वे बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। राज्यपाल को अपने बीच पाकर बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।

वहीं, राज्यपाल के आगमन और महोत्सव में श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए थे। एसपी हृदयकांत, डीएसपी संजीव कुमार गुप्ता, एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता और पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह लगातार विधि-व्यवस्था की निगरानी करते रहे। कार्यक्रम स्थल, प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दो दिवसीय पावापुरी महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट