हल्दी, अदरक, टमाटर, मिर्च और प्याज की खेती को मिलेगा बढ़ावा, पिछले साल से 6 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में होगी खेती।
पटना: बिहार में रबी फसलों की खेती को नई गति देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने इस वर्ष वासंतिक (रबी) महाअभियान के तहत करीब 48 लाख हेक्टेयर भूमि में फसल उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले रबी सीजन में राज्य में लगभग 42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की गई थी।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल खेती का रकबा बढ़ाना नहीं, बल्कि फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार करना भी है। इसके लिए सभी जिलों, प्रखंडों और पंचायतों में खेती की नियमित समीक्षा की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में जहां भी कमी सामने आएगी, वहां आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
48 लाख हेक्टेयर में अलग-अलग फसलों की खेती का लक्ष्य
कृषि विभाग की कार्ययोजना के अनुसार, इस वर्ष करीब 24 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 6 लाख हेक्टेयर में वासंतिक मक्का, 5 लाख हेक्टेयर में दलहन और 4 लाख हेक्टेयर में तिलहन की खेती का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, शेष 9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू, सब्जी, मसाला और अन्य फसलों की खेती की जाएगी।
हल्दी, अदरक और सब्जियों की खेती पर विशेष जोर
किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक और अधिक संभावनाओं वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत हल्दी, अदरक, टमाटर, मिर्च, पत्तागोभी और वासंतिक प्याज की खेती का क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को निर्धारित लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
कृषि मंत्री के अनुसार, हल्दी और अदरक की खेती को बढ़ावा देने के लिए फरवरी-मार्च में विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। वहीं, टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी के हाइब्रिड बीजों की टैगिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बीजों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।
किस फसल पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
सरकारी योजना के तहत हल्दी और अदरक की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके तहत किसानों को अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी।
इसी तरह टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 60 हजार रुपये की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। यानी किसानों को अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे।
प्याज की खेती में नई किस्म को भी मिलेगा बढ़ावा
वासंतिक प्याज की खेती के क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में एग्री फाउंड लाइट रेड के साथ नई किस्म भीमा शक्ति को शामिल किया गया है। प्याज की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस प्रकार किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी। इस योजना का लाभ न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को मिलेगा।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता खेती को अधिक लाभकारी बनाना और किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना है। फसल विविधीकरण, उन्नत बीज और सरकारी अनुदान के माध्यम से बिहार में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
