हिन्दी-पखवारा के 13वें दिन साहित्य सम्मेलनमें आयोजित हुई विद्यार्थियों के लिए कथा-लेखन-प्रतियोगिता
पटना : रचनात्मक-प्रतिभा के विकास में कथा-लेखन की विशेष भूमिका होती है। इससे विद्यार्थियों में कल्पना-शक्ति और सृजन-शीलता विकसित होती है। प्रत्येक विद्यार्थी को कथा-लेखन में रूचि लेनी चाहिए। इससे…










