वज्र का सीना ख़ुशबू सा दिल जिसका होता है, वह पिता होता है : डा अनिल सुलभ
पटना : “वज्र का सीना ख़ुशबू सा दिल जिसका होता है वही शख़्स बेटे-बेटियों का पिता होता है”। साहित्यिक संस्था ‘लेख्य-मंजूषा’के तत्त्वावधान में, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभागार मेन,…









