महान शब्द-शिल्पी थे महाकवि पोद्दार रामावतार अरुण, मर्म-स्पर्शी कवि थे गोपी वल्लभ: डा अनिल सुलभ
पटना : ‘वाणाम्बरी’, ‘कृष्णाम्बरी’, ‘अरुण रामायण’ और ‘महाभारती’ जैसे दशाधिक महाकाव्यों सहित 45 मूल्यवान ग्रंथों की रचना कारने वाले, महाकवि पोद्दार रामावतार ‘अरुण’, हिन्दी साहित्य के महान शब्द-शिल्पी और भारतीय…










