साहित्य सम्मेलन में मृत्युंजय गोविंद के ग़ज़ल-संग्रह ‘पत्थरों का शहर’ का हुआ लोकार्पण, हुई कवि-गोष्ठी
पटना : विना कोई शोर मचाएँ अथवा मंचों पर ऊधम मचाए, निरंतर एकांतिक साधना में रत कवि मृत्युंजय गोविन्द की कविताएँ छायावादी और उत्तर-छायावादी काव्य-प्रवृत्तियों के बहुत निकट दिखाई देती…










