गांधी जयंती पर साहित्य सम्मेलन में “गांधी के साहित्यिक अवदान और हिन्दी-सेवा” को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया
पटना : गांधी महान भविष्य-द्रष्टा थे। यदि वे कुछ साल और जीवित रहे होते, तो भारत वर्षों पूर्व संसार का सबसे विकसित देश हो चुका होता। संविधान-निर्माण के साथ ही…









