बहुत बोलता है मेरे घर का हीरामन, भिश्ती की सुनकर….. लखनऊ के वरिष्ठ कवि डा शैलेश पण्डित का हुआ एकल काव्य-पाठ, किए गए सम्मानित
पटना : “बहुत बोलता है मेरे घर का हीरामन, भिश्ती की सुनकर राजा को गरियाता है, जिस दिन से बँट गया घर का चौका-चूल्हा, वह कबीर बाबा की बानी में…










