हिन्दी के महाकवि थे ‘मोहन प्रेमयोगी’, आचार्य रामचंद्र शुक्ल से धन्य हुई हिन्दी : डा अनिल सुलभ
पटना : महाकाव्य ‘महाशक्ति’, ‘मेनका’, ‘रास-रचैया’ और ‘जागरी वसुंधरा’ जैसी कालजयी कृतियों के रचनाकार ब्रजनंदन सहाय ‘मोहन प्रेमयोगी’ हिन्दी-साहित्य के एक ऐसे विनम्र महाकवि हैं, जिन्होंने स्वयं को प्रचार से…









