नई दिल्ली/वाशिंगटन: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयात पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार दे दिया है। शुक्रवार (20) को आए 6-3 के बहुमत फैसले में अदालत ने कहा कि 1977 का International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) राष्ट्रपति को इस तरह के व्यापक और लंबे समय तक चलने वाले टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। यह फैसला अप्रैल 2025 के बाद एकतरफा तरीके से लागू किए गए ज्यादातर टैरिफ को रद्द कर देता है और यह साफ करता है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के ऐसे वाणिज्यिक कर नहीं लगाए जा सकते।

कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश John Roberts की अगुवाई में बहुमत ने माना कि IEEPA खास आपात परिस्थितियों के लिए बनाया गया कानून है, न कि स्थायी टैरिफ नीति लागू करने के लिए। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पहले ही टैरिफ को कानूनी आधारहीन बताया गया था। यह मामला उन कंपनियों और 12 अमेरिकी राज्यों की याचिका पर शुरू हुआ था, जो इन टैरिफ से प्रभावित हुए थे, अधिकांश राज्य डेमोक्रेट शासित थे।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ हुई ट्रेड डील पर कोई आंच नहीं आएगी। राष्ट्रपति ने साफ किया कि भारत के साथ जो शर्तें तय हुई हैं, वे जारी रहेंगी। उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक ‘महान और स्मार्ट’ इंसान बताया है। ट्रंप ने अपने टैरिफ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘शर्मनाक’ करार देते हुए जजों को खूब सुनाया। हालांकि, कोर्ट के फैसले के महज कुछ घंटों बाद ट्रंप ने ‘प्लान-B’ लागू कर दिया है। उन्होंने ‘ट्रेड एक्ट 1974’ के सेक्शन 122 का इस्तेमाल करते हुए 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने का ऐलान किया है। यह नया टैक्स उन सभी टैरिफ के ऊपर होगा जो पहले से लागू हैं। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास वह करने का अधिकार है जो हम चाहते हैं। यह नया टैरिफ अगले तीन दिनों के भीतर प्रभावी हो सकता है। हालांकि, कानून के मुताबिक इसे बिना संसद की मंजूरी के केवल 150 दिनों के लिए ही लागू किया जा सकता है।

ट्रंप बोले- ‘मोदी से शानदार रिश्ते’
भारत को लेकर ट्रंप ने फिर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि उनका भारत के साथ रिश्ता शानदार है और पीएम मोदी के साथ उनकी केमिस्ट्री बेहतरीन रही। ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत रूस से तेल ले रहा था और उनकी अपील पर पीछे हट गया। सबसे बड़ा दावा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होने वाला था जिसे उन्होंने रोका। ट्रंप के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें 3.5 करोड़ जानें बचाने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर तनाव नहीं रुका तो 200 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएंगे. इसके बाद दोनों देशों ने शांति का रास्ता चुना।

क्या है ‘सेक्शन 122’ और इसके नियम?

सेक्शन 122 अमेरिकी व्यापार कानून का एक ऐसा प्रावधान है जिसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं किया गया। इसके तहत राष्ट्रपति को व्यापार घाटे को संतुलित करने के लिए अधिकतम 15% तक टैरिफ लगाने की शक्ति मिलती है। ट्रंप ने इसी का फायदा उठाते हुए 10% का बेस रेट तय किया है।
खास बात यह है कि इसके लिए किसी लंबी जांच या रिपोर्ट की जरूरत नहीं होती। ट्रंप इसे एक ‘ब्रिज’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद वह अपना नियंत्रण बनाए रख सकें।

ट्रंप ने जजों को ‘राष्ट्र के लिए कलंक’ क्यों कहा?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तिलमिलाए ट्रंप ने जजों पर निजी हमले शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के कुछ सदस्य ‘हमारे देश के लिए कलंक’ हैं। ट्रंप विशेष रूप से उन जजों से नाराज हैं जिन्हें उन्होंने खुद नियुक्त किया था, लेकिन उन्होंने टैरिफ के खिलाफ वोट दिया.
ट्रंप ने कहा कि इन जजों में वह साहस नहीं था जो देश के लिए सही फैसला लेने के लिए जरूरी होता है। उन्होंने फैसले को ‘बेहद निराशाजनक’ बताते हुए कहा कि यह अमेरिका को फिर से गरीब बनाने की एक साजिश है।