पटना :  तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील विस्फोट (GLOF) की घटना के बाद गंडक नदी के आसपास के जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर बिहार सरकार अलर्ट मोड में है। स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव बिहार प्रत्यय अमृत ने बुधवार को दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

पूर्वाह्न 11 बजे आपदा प्रबंधन विभाग में हुई बैठक के बाद शाम 7:30 बजे मुख्य सचिव ने मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार भी मौजूद रहे।

SOP के अनुसार तैयारी पूरी रखने का निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को Standard Operating Procedure (SOP) के अनुरूप सभी जरूरी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करने, संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और पर्याप्त राहत सामग्री एवं अन्य संसाधन उपलब्ध रखने को कहा। उन्होंने जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को रातभर स्थिति पर नजर रखने तथा अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है।

तटबंधों पर चौकीदार और होमगार्ड की पेट्रोलिंग

तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी के लिए चौकीदारों एवं होमगार्ड के जवानों के माध्यम से लगातार पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

पश्चिम चंपारण में 5 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

समीक्षा बैठक में पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए तटबंध के आसपास के इलाकों में माइकिंग कराई गई है। अब तक 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले में संचालित 7 कम्युनिटी किचन के माध्यम से अब तक 1,150 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है।

राहत केंद्र और कम्युनिटी किचन तैयार

अन्य जिलों के अधिकारियों ने भी अपनी तैयारियों की जानकारी मुख्य सचिव को दी। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था तैयार है। राहत केंद्रों और कम्युनिटी किचन के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। इन केंद्रों के साथ चिकित्सीय दलों को भी टैग किया गया है। तटबंधों की निगरानी के लिए चौकीदारों और होमगार्ड जवानों की लगातार ड्यूटी लगाई गई है।

लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आम लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट सूचना या फेक न्यूज को आगे प्रसारित न करें।