पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता और कृषि पर संभावित प्रभाव को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं
सरकार के अनुसार, बिहार में वर्तमान में सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी जिले में कमी नहीं है। उपलब्ध स्टॉक इस प्रकार है:
* यूरिया : 2.63 लाख मीट्रिक टन
* डीएपी : 1.43 लाख मीट्रिक टन
* एनपीके : 2.07 लाख मीट्रिक टन
* एमओपी : 0.39 लाख मीट्रिक टन
* एसएसपी : 1.02 लाख मीट्रिक टन

कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस
मंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। अब तक 116 प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज, 454 लाइसेंस रद्द की।
किसानों के हित सर्वोपरि
राम कृपाल यादव ने कहा कि किसान की मेहनत से कोई समझौता नहीं होगा। राज्य स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक निगरानी 24×7 की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता रोकी जा सके।

छापेमारी और निगरानी तेज
मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता टीमों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में तस्करी रोकने के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।
जैविक खेती को बढ़ावा
जिलों में “धरती माता बचाओ निगरानी समिति” गठित करने का निर्देश दिया गया है, जिससे संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल सके।
डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध
किसान अब मोबाइल ऐप के जरिए अपने नजदीकी दुकानों पर उपलब्ध उर्वरकों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार पूरी तरह सतर्क है और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
