पटना : सम्राट चौधरी ने पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित ‘बिहार एआई समिट-2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आने वाले समय में जीवन और शासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही है। उन्होंने सभी सरकारी विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों में एआई का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।

सहयोग पोर्टल और पंचायत स्तर तक तकनीक का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों में चल रहे ‘सहयोग शिविर’ में तकनीक और एआई की अहम भूमिका होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सहयोग पोर्टल में ऐसा विशेष सेक्शन बनाया जाए, जहां लोग बिहार के विकास और समृद्धि के लिए अपने सुझाव दे सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों पर 30 दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा, विश्वविद्यालय और रोजगार पर बड़ा ऐलान

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े फैसलों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, जबकि पटना सहित प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में विशेष आधुनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे। जुलाई महीने में 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से राज्य के विकास में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि बिहार में ही रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

गंगा एक्सप्रेस-वे और एआई आधारित भविष्य की तैयारी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 125 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे अगले तीन वर्षों में पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल करने के लिए एआई आधारित नीतियों पर तेजी से काम हो रहा है और सरकार जल्द ही नई एआई पॉलिसी लाएगी। पुलिसिंग, शिक्षा, प्रशासन और उद्योग समेत हर क्षेत्र में एआई की भूमिका बढ़ेगी। उन्होंने युवाओं से बिहार को एआई हब बनाने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।