नालंदा : नालंदा जिले के रहुई अंचल कार्यालय परिसर में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन को लेकर मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों एवं कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, सुरक्षित रहने और जीवन बचाने के व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराना था।

मॉकड्रिल के दौरान SDRF की टीम ने जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही डूबने की घटना के बाद प्राथमिक उपचार के तरीकों की भी जानकारी दी गई।

वज्रपात से बचाव को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। आकाशीय बिजली गिरने के दौरान अपनाई जाने वाली ‘उकड़ूं विधि’ का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। लोगों को बताया गया कि वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहना और उचित सावधानी बरतना जीवन रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) सामग्री का भी वितरण किया गया। पर्चों के माध्यम से लोगों को विभिन्न आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।

मॉकड्रिल में शामिल स्थानीय लोगों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और सिखाई गई तकनीकों का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे पूर्वाभ्यास का उद्देश्य आम लोगों में आपदा के समय घबराने के बजाय सही तरीके से प्रतिक्रिया देने और अपनी तथा दूसरों की जान बचाने की क्षमता विकसित करना है।
नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट
