राजगीर: बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आयोजित ऐतिहासिक अंडर-20 रग्बी सीरीज़ का समापन हुआ। दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस सीरीज़ ने अंतरराष्ट्रीय खेल सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवा खिलाड़ियों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भारत सरकार की युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, भारत में न्यूज़ीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैट आयर्स, बिहार रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य संजय मयूख तथा रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस उपस्थित रहे।
खेल के जरिए भारत-न्यूज़ीलैंड के संबंधों को मजबूती

‘खेल के माध्यम से एकता के 100 वर्ष’ पहल के तहत आयोजित इस सीरीज़ में भारत और न्यूज़ीलैंड की अंडर-20 पुरुष एवं महिला टीमों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, सांस्कृतिक गतिविधियां और रग्बी सेवन्स के चार मुकाबले आयोजित किए गए। इनमें दो मिश्रित-टीम मुकाबले भी शामिल थे, जिनमें दोनों देशों के खिलाड़ियों ने एक ही टीम में खेलते हुए आपसी सहयोग और टीम भावना का परिचय दिया।
इस आयोजन ने दिखाया कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के युवाओं को जोड़ने और सांस्कृतिक समझ विकसित करने का प्रभावी जरिया भी है।
खेल विकास को लेकर सरकार ने जताई प्रतिबद्धता
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल के माध्यम से वैश्विक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-न्यूज़ीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज़ आपसी समझ, सहयोग और एकता को बढ़ावा देने का उदाहरण है। ऐसे आयोजन दोनों देशों के युवाओं के बीच स्थायी संबंध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। राजगीर में इस अंतरराष्ट्रीय रग्बी सीरीज़ की मेजबानी करना बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन खिलाड़ियों को एक-दूसरे से सीखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर देते हैं।
राहुल बोस ने बताया रग्बी के मूल्यों का प्रतीक
रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने कहा कि यह सीरीज़ केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सम्मान, टीम भावना और मित्रता जैसे मूल्यों का उत्सव है। उनके अनुसार, मिश्रित-टीम मुकाबलों में भारतीय और न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ियों का एक साथ मैदान पर उतरना इस आयोजन की खास उपलब्धि रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगीर में बने संबंध भविष्य में दोनों देशों के बीच रग्बी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेंगे।

24 माओरी खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधिमंडल में अंडर-20 पुरुष टीम ‘तामा तोआ’ और अंडर-20 महिला टीम ‘हिने तोआ’ शामिल थीं। दोनों टीमों में कुल 24 युवा माओरी खिलाड़ी शामिल रहे। इस यात्रा के दौरान खिलाड़ियों को भारतीय संस्कृति को करीब से जानने तथा अपनी परंपराओं और अनुभवों को भारतीय खिलाड़ियों के साथ साझा करने का अवसर मिला।
भारत में रग्बी को बढ़ावा देने की दिशा में पहल
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच रग्बी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में मई 2026 में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उस दौरान रग्बी इंडिया ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में न्यूज़ीलैंड रग्बी के कोचिंग विशेषज्ञों की मेजबानी की थी। इस कोचिंग विकास कार्यक्रम में 35 भारतीय कोचों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य देश में रग्बी की कोचिंग क्षमता को मजबूत करना और खेल के निरंतर विकास को बढ़ावा देना था।
राजगीर में आयोजित भारत-न्यूज़ीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज़ ने खेल, संस्कृति और युवा सहभागिता के जरिए दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का संदेश दिया। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों को मजबूत करने और युवाओं के बीच दीर्घकालिक मित्रता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
राजगीर से संजय कुमार की रिपोर्ट
