पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ गया है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब नई भूमिका में आ चुके हैं। उन्होंने आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है। इस नई भूमिका के साथ उनके पद, जिम्मेदारी और सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव आया है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सांसद बनने के बाद उनकी सैलरी बढ़ी है या कम हो गई है।

नई जिम्मेदारी, नई पारी

राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे। यह बदलाव न सिर्फ उनके राजनीतिक करियर के लिए अहम है, बल्कि बिहार की सियासत पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

सांसद बनने के बाद कितनी होगी कमाई?

राज्यसभा सांसद के तौर पर नीतीश कुमार को हर महीने करीब ₹1.24 लाख से ₹1.25 लाख तक बेसिक सैलरी मिलेगी। इसके अलावा उन्हें कई भत्ते भी मिलेंगे, जैसे संसद सत्र के दौरान ₹2,500 प्रतिदिन, ₹75,000 कार्यालय खर्च, ₹50,000 स्टाफ वेतन और ₹25,000 स्टेशनरी के लिए।

साथ ही दिल्ली में सरकारी आवास, मुफ्त हवाई यात्रा, फर्स्ट क्लास ट्रेन सफर और स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलती हैं। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो सांसद का पैकेज सुविधाओं के लिहाज से काफी मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री से तुलना में कहां ठहरते हैं?

अगर मुख्यमंत्री पद की बात करें तो नीतीश कुमार को हर महीने करीब ₹2 लाख से ज्यादा सैलरी मिलती थी, जो सांसद की बेसिक सैलरी से साफ तौर पर अधिक है। इसके साथ ही सीएम के रूप में उन्हें ज्यादा व्यापक सुविधाएं, बड़ी प्रशासनिक ताकत और उच्च स्तर की सुरक्षा मिलती थी।

सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार की बेसिक सैलरी कम हो गई है, लेकिन भत्तों और सुविधाओं को जोड़ने पर कुल पैकेज संतुलित बना रहता है। फिर भी, ताकत और वेतन दोनों के मामले में मुख्यमंत्री का पद ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है।