पटना : बिहार विधानसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। सदन शुरू होते ही आरजेडी विधायकों ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने घटना को “क्रूर कार्रवाई” बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए ‘लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी’ के नारे लगाए और वेल में पहुंच गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मार्शलों को हस्तक्षेप कर विधायकों के हाथों से तख्तियां लेनी पड़ीं।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र को बैठने की नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष के पास संख्या कम है और उन्होंने कभी ठोस काम नहीं किया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष का विरोध और तेज हो गया।

संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यदि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की समस्याएं कौन सुनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन चौकीदारों और दफादारों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहा है और विरोध को दबाने की कोई मंशा नहीं है।

दरअसल, सोमवार को बिहार पुलिस के चौकीदारों ने मानदेय बढ़ाने और सेवा शर्तों में सुधार की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला चौराहा की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई चौकीदार घायल हो गए। चौकीदारों पर लाठीचार्ज की इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है और विधानसभा के भीतर इसकी गूंज साफ सुनाई दी।