नालंदा: आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को नूरसराय प्रखंड के पंचायत सरकार भवन बड़ारा एवं डोईया में प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने की।

शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए पौधारोपण किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।

जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “सबका सम्मान–जीवन आसान” के तहत आयोजित सहयोग शिविरों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक सरल, सुगम एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन, निबंधन, सत्यापन, ई-केवाईसी तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविरों को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनसमर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। लोगों की सुविधा को देखते हुए पंचायतों एवं नगर निकायों में ऐसे शिविरों का आयोजन आगे भी लगातार जारी रहेगा।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान कराया। ग्रामीण विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, योजना एवं विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी), आईसीडीएस, आपूर्ति, समाज कल्याण, पंचायती राज, कृषि, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण तथा कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन करते हुए लाभुकों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई गई।

प्रशासन के अनुसार, सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आवेदन, निबंधन, सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर आमजन को सुविधा प्रदान करना है।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।

नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट