पटना : राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), पटना की ओर से मीठापुर फार्म्स परिसर में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा, पारंपरिक शिल्प एवं बुनाई की सांस्कृतिक विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराना तथा इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव मुख्य अतिथि तथा ए.एन. कॉलेज, पटना की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के महत्व और भारत की हथकरघा परंपरा पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक क्लब के सदस्यों ने लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भारतीय लोक संस्कृति की झलक पेश की।

इसके बाद NIFT पटना के निदेशक कर्नल राहुल शर्मा, मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव और विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत ने अपने विचार व्यक्त किए।

‘हेरिटेज वॉक’ रहा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

समारोह का प्रमुख आकर्षण NIFT पटना परिसर में आयोजित ‘हेरिटेज वॉक’ रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और समझने का अवसर मिला।

‘हेरिटेज वॉक’ के दौरान पारंपरिक ज्ञान, शिल्प और हथकरघा परंपराओं के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम ने विरासत, रचनात्मकता और अनुभवात्मक सीखने को एक मंच पर जोड़ते हुए विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक शिल्प एवं ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ना जरूरी : कर्नल राहुल शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए NIFT पटना के निदेशक कर्नल राहुल शर्मा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझना और उसकी सराहना करना युवा पीढ़ी के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं का देश की पारंपरिक कला, शिल्प और विरासत से जुड़ाव बना रहना चाहिए, ताकि इन समृद्ध परंपराओं को आधुनिक समय में भी संरक्षित और आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनमें रचनात्मकता, कौशल और ज्ञान की समृद्ध परंपरा भी निहित है।

यह आयोजन कर्नल राहुल शर्मा, निदेशक, NIFT पटना के नेतृत्व में संपन्न हुआ। भारत के हस्तशिल्प, विरासत और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में उनके निरंतर प्रोत्साहन से विद्यार्थियों को अनुभवात्मक सीखने के लिए सार्थक मंच मिला।

कार्यक्रम के अंत में NIFT पटना के संयुक्त निदेशक ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 का यह आयोजन भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक समय में इसकी प्रासंगिकता को समर्पित एक सार्थक पहल के रूप में संपन्न हुआ।