होली 2026 : होली कभी चुपचाप नहीं आती। इसके कदमों की आहट बाजारों की रौनक से सुनाई देने लगती है- गुलाल के रंगीन ढेर, पिचकारियों की कतारें, मिठाई की दुकानों पर भीड़। दोस्तों की टोली योजनाएँ बनाती है, कोई पुराने कपड़े तलाशता है तो कोई अपने सफेद कुर्ते को बचाने की रणनीति। यह त्योहार धीरे-धीरे नहीं, बल्कि पूरे माहौल को अपने रंग में रंगते हुए आता है।

होली 2026: तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार:

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, शाम 5:55 बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 5:07 बजे

होलिका दहन: 3 मार्च 2026

रंगवाली होली: 4 मार्च 2026

पहले दिन अग्नि प्रज्वलित होती है, अगले दिन रंगों का उत्सव मनाया जाता है।

आध्यात्मिक आधार

होली की जड़ें पौराणिक कथाओं में हैं। भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और होलिका के दहन की कथा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। वहीं राधा-कृष्ण की रंग-रास प्रेम और उल्लास का प्रतीक है, विशेषकर मथुरा-वृंदावन में इसकी झलक अद्भुत होती है।

होली के स्वाद

त्योहार का आनंद पकवानों के बिना अधूरा है :

गुजिया: खोया और मेवों से भरी मिठास।

दही भल्ला: ठंडक और स्वाद का संगम।

ठंडाई: मेवे और मसालों से सजी शीतल पेय।

कचौड़ी और पकोड़े: चटपटे और सबके प्रिय।

आख़िरकार, होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि रिश्तों को फिर से रंगने का त्योहार है, जहाँ हँसी, स्वाद और अपनापन साथ चलते हैं।।