पटना : पटना के बामेती परिसर से गुरुवार को राज्यव्यापी ‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। अभियान का उद्देश्य किसान समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार और श्रमिक उत्थान के साथ कृषि क्षेत्र को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाना है।

अभियान के तहत 22 अगस्त से गया से जिलास्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद राज्य के सभी जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कृषि मंत्री किसानों और अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे तथा कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की सेवा और उनकी आय बढ़ाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं। कम भूमि में अधिक आमदनी सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में लागत कम करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से कृषि लागत कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से शुरू हुआ यह अभियान प्रदेश के हर जिले तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि किसान, महिला, युवा और श्रमिक इस अभियान के केंद्र में हैं। कृषि को जनकल्याण और प्रगति का आधार बनाकर बिहार के विकास और खुशहाली को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में कृषि रोड मैप के माध्यम से कृषि क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों ने नई तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि भूमि सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य जारी है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी जमीन पर स्पष्ट और विवाद-मुक्त अधिकार मिले।
अभियान के दौरान किसानों ने प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। विक्रम के रामजीत शर्मा, दुल्हिन बाजार के राम विनय कुमार, मनेर की सुशीला देवी और समस्तीपुर के सुधांशु ने प्राकृतिक खेती से प्राप्त लाभों की जानकारी दी। किसानों ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है।
समस्तीपुर के किसान सुधांशु ने फल उत्पादन के क्षेत्र में अपनी सफलता साझा करते हुए बताया कि फल की खेती से बेहतर आमदनी हो रही है और इससे कई अन्य लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों रश्मि राय, सुशीला देवी और सोनी देवी सहित अन्य सफल किसानों को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया।
‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ के माध्यम से बिहार में आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, फसल प्रबंधन, कृषि आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर व्यापक संवाद किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य कृषि को अधिक लाभकारी बनाकर किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करना है।
