पटना : पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि बेहतर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के माध्यम से विकसित बिहार एवं विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में तेजी आएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के निर्माण, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति पर विशेष बल दिया।
पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज विद्यापति भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री दीपक प्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यशाला में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिषदों के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए।
ग्राम सभा और महिला सभा की भूमिका अहम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके आधार पर पंचायतों में विकास कार्यों की दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, महिला सभा एवं बाल सभा का नियमित आयोजन कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाई जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

उन्होंने पंचायतों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की भी सलाह दी। साथ ही प्रतिभागियों से अपील की कि वे कार्यशाला से प्राप्त नई जानकारियों और अनुभवों का उपयोग कर बेहतर पंचायत विकास योजना तैयार करें।
विकसित बिहार के लिए पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने और प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने के लिए पंचायती राज विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने पंचायतों में संचालित योजनाओं के उचित दस्तावेजीकरण तथा पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) पोर्टल पर समयबद्ध और शुद्ध आंकड़ों की प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों के Own Source of Revenue (OSR) को विकसित कर पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी बल दिया।
2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में पंचायतों की अहम भूमिका
दीपक प्रकाश ने कहा कि स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) को वर्ष 2030 तक प्राप्त करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सहभागी एवं लक्षित योजना निर्माण के माध्यम से पंचायतें ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकती हैं।
विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में पंचायती राज मंत्रालय की ओर से श्रीमती प्याली रॉय ने प्रतिभागियों को 16वें वित्त आयोग, ई-ग्राम स्वराज, ग्राम पंचायत विकास योजना तथा पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) से संबंधित प्रशिक्षण दिया।
वहीं योगेश कुमार, सीनियर डेवलपर, NIC दिल्ली ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा कीं। बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान द्वारा भी अपशिष्ट प्रबंधन समेत अन्य विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
पुस्तक का विमोचन और समूह गतिविधियां आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान People’s Plan Campaign 2026–27 के तहत पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी मंत्री द्वारा किया गया।

प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के लिए स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों पर आधारित समूह गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों को नौ समूहों में विभाजित कर विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण कराया गया।
इस अवसर पर मनोज कुमार, नवीन कुमार सिंह, ललित राही सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
