बिना बिल उर्वरक बिक्री, अधिक वसूली और जबरन टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई, जिला कृषि पदाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।

पटना : बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने कृषि विभाग के किसान हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण किया और वहां दर्ज शिकायतों की स्वयं समीक्षा की। इतना ही नहीं, मंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर से राज्य के विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ता किसानों को सीधे फोन कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

शिकायतों की समीक्षा के बाद कृषि मंत्री ने संबंधित जिला कृषि पदाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने सुपौल, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण के जिला कृषि पदाधिकारियों से भी सीधे बातचीत की और लंबित मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बिना बिल बिक्री और टैगिंग पर सख्ती

कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी उर्वरक विक्रेता किसानों को ऑनलाइन POS मशीन से जारी बिल अनिवार्य रूप से दें। यदि कोई दुकानदार बिल देने से इनकार करता है, निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है या उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी उर्वरक दुकानों पर मूल्य सूची, उपलब्ध स्टॉक और प्रतिष्ठान का नाम प्रमुखता से प्रदर्शित हो। उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग (क्रॉस सेलिंग) पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

किसानों से शिकायत दर्ज कराने की अपील

विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से अपील की कि वे बिना बिल के किसी भी स्थिति में उर्वरक की खरीदारी न करें। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो किसान तत्काल किसान हेल्पलाइन सेंटर पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी और शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

जरूरत पड़ने पर होगा भौतिक सत्यापन

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक किसानों के खेतों और फसलों का भौतिक सत्यापन भी करें, ताकि उर्वरकों का वितरण वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उर्वरकों की उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।