बेंगलुरु: बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में चार दिवसीय बिहार महोत्सव-2026 का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ जन्मभूमि बिहार के विकास में भी योगदान देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश-दुनिया को ज्ञान, करुणा, दर्शन और अहिंसा का संदेश दिया है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसी महान विभूतियों से बिहार की गौरवशाली विरासत जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता को संतुष्ट रखना, उसकी सुविधा बढ़ाना और उसे न्याय दिलाना ही लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का बजट अब लाखों करोड़ रुपये का हो चुका है और सिंचाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु समेत देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में बिहारी अपनी मेहनत और प्रतिभा से योगदान दे रहे हैं। ऐसे लोगों को बिहार की प्रगति में भी भागीदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में एआई आधारित व्यवस्थाओं के माध्यम से सुशासन और जनसेवा को और प्रभावी बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में लगाए गए बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग और अन्य स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने गौशाला, आश्रम स्थित गुरुकुल का भ्रमण किया तथा गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना कर बिहारवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने पाग और अंगवस्त्र भेंट कर श्री श्री रविशंकर का स्वागत किया।

श्री श्री रविशंकर ने बिहार महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि यहां बिहार की संस्कृति, कला और खान-पान के माध्यम से देश की विविधता को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना को मजबूत करते हैं और देश के लोगों को आपस में जोड़ते हैं।
