जामताड़ा/गिरिडीह: झारखंड में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े एक बड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि गिरिडीह के एक भू-माफिया गिरोह ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन का सौदा कर वर्तमान में जामताड़ा सिविल कोर्ट में पदस्थापित सब जज प्रथम सह एसीजेएम मोहम्मद नईम अंसारी से पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद नईम अंसारी जब गिरिडीह में पदस्थापित थे, तभी उनकी पहचान कुछ अधिवक्ताओं से हुई थी। बाद में जामताड़ा स्थानांतरण के बाद अधिवक्ता मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी और अन्य लोगों ने मौजा भंडारीडीह की चार डिसमिल जमीन को अपना बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया।

बताया गया कि 6 नवंबर 2024 को सितारा खातून की ओर से नौशाद अंसारी और शमशाद अंसारी के पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी का निबंधन कराया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर 27 जुलाई 2025 को न्यायिक पदाधिकारी के साथ एग्रीमेंट फॉर सेल किया गया और उनसे पांच लाख रुपये अग्रिम राशि ले ली गई।

हालांकि, रजिस्ट्री से पहले जब मूल दस्तावेज मांगे गए तो आरोपी उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में पता चला कि संबंधित भूमि सीएनटी एक्ट की धारा 46(1) के तहत संरक्षित है और उसका वास्तविक रैयत नियाज अहमद कुरैशी है। भूमि की जमाबंदी और मालगुजारी रसीद भी उन्हीं के नाम पर दर्ज है।

इसके बाद मोहम्मद नईम अंसारी ने 22 फरवरी 2026 को गिरिडीह नगर थाना में कांड संख्या 40/2026 दर्ज कराते हुए मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी, मोहम्मद सरफराज, मोहम्मद शमशाद अंसारी और सितारा खातून के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और ठगी का आरोप लगाया।

मामले में बबलू अंसारी को 24 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन 22 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम, गिरिडीह की अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। अन्य आरोपियों को भी अग्रिम जमानत प्रदान कर दी गई।

जमानत आदेश को चुनौती देते हुए न्यायिक पदाधिकारी ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिस याचिका संख्या 1826 एवं 1856 दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने जमानत देते समय कानूनी मानकों का समुचित पालन नहीं किया और आरोपियों ने अपना आपराधिक इतिहास भी छिपाया।

हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है। याचिका के अनुसार, मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी के खिलाफ 32, मोहम्मद सद्दाम के खिलाफ 13 और मोहम्मद सरफराज के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी दो-दो मामले लंबित बताए गए हैं। इनमें जमीन कब्जा, चोरी, लूट, मारपीट, ठगी, धोखाधड़ी और धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

इधर, जमीन के वास्तविक मालिक नियाज अहमद कुरैशी की पुत्री जिन्नत नियाज कुरैशी ने भी 18 अप्रैल 2026 को गिरिडीह नगर थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने मकान का ताला तोड़कर कब्जा करने और फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन बेचने का प्रयास किया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

विकास कुमार उपाध्याय